Akhir kyon
नमस्कार, मैं एक आम भारतीय महिला या आप कह सकते हैं एक शादी शुदा महिला | एक बात जो मुझे बहुत परेशान करती है कि आखिर क्यों हम महिलाओं की जिंदगी शादी के बाद हमारी नहीं रह जाती, क्या शादी करना हमारे लिए एक सजा है, मैं यहां सिर्फ अपनी बात नहीं लिख रहीं हूँ ब्लकि उन सब की अनकही सोच को लिख रहीं हूँ जो शादी शुदा है | ऐसा नही है कि मैं या आप सब अपनी शादी शुदा जिंदगी से परेशान है पर हम सब अपनी छोटी छोटी इच्छा को दबाते है और कभी कभी बड़ी इच्छा को भी, अखिर क्यों एक अनजान परिवार की सारी जिम्मेदारी एक अभी की आयी लड़की से हो जाति है, अखिर क्यों उसे अपने आप को हर पल साबित करना होता है, वो क्यों अपने घर जैसे नहीं रह सकती जैसे वो पहले रहती थी | और तो और पति की गलती होने पर भी हमें ही क्यों बातें सुनने को मिलती हैं, भाई ये समझ नहीं आता कि जो व्यक्ति आप के समाने बड़ा हुआ, क्या आप उसे जानती नहीं हो कि वो कैसा है फिर किसी और से ये अपेक्षा कैसी की वो उसे आकर सुधार देगी | शायद हम सबकी शादी शुदा जिंदगी अच्छी ही चल रही है फिर भी कुछ बातें हैं जो यह सब सोचने पर मजबूर करती ...